आईएएस अधिकारी परमजीत सिंह पर मनी लॉन्ड्रिंग केस भी चलेगा, ईडी ने चार्जशीट दायर की

आईएएस अधिकारी परमजीत सिंह पर मनी लॉन्ड्रिंग केस भी चलेगा, ईडी ने चार्जशीट दायर की

IAS officer Paramjit Singh

IAS officer Paramjit Singh

चंडीगढ़, 31 जनवरी 2026: IAS officer Paramjit Singh: रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई के  शिकंजे में  आए   आईएएस अधिकारी परमजीत सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी चलेगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब चार साल की जांच के बाद चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दायर दी है।
परमजीत सिंह को सितंबर 2022 (सीबीआई ने दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस समय वे पंजाब परिवहन विभाग में निदेशक के पद पर तैनात थे। विभाग के ही एक कर्मचारी की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप बिछाकर उन्हें पकड़ा था।

आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू की। जांच के दौरान उनके घर से 49 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि परमजीत सिंह ने अपनी ज्ञात आय से 1228 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी। इसके अलावा 59 लाख रुपये ऐसी रकम के रूप में पाए गए, जिनका कोई वैध स्रोत या हिसाब नहीं मिला। इसके आधार पर सितंबर 2022 में आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया।

ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग केस

सीबीआई द्वारा रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के केस दर्ज होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच शुरू की। ईडी ने इसे धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला मानते हुए परमजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया और कथित काले धन की जांच की।
करीब चार वर्षों तक चली जांच के बाद अब ईडी ने उनके खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

क्या था पूरा मामला

28 जनवरी 2022 को विभाग के ही एक कर्मचारी ने सीबीआई को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी पदोन्नति लंबित थी और परमजीत सिंह उस समय विभागीय पदोन्नति समिति के अध्यक्ष थे। आरोप है कि पदोन्नति के बदले पहले पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी गई, बाद में दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
मामला सामने आने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और परमजीत सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और अब धन शोधन का मामला भी दर्ज हो गया है।